झारखंड में कोरोना के कुल मरीजों की संख्या अब 42 तक जा पहुंची है। इनमें रांची में अब कुल 25 कोरोना संक्रमण के मामले हो चुके हैं। रविवार को राज्य में एक ही दिन में सात पॉजिटिव केस मिले। इनमें पांच हिंदपीढ़ी के है जबकि बेड़ो में कोरोना संक्रमण का पहला मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि बेड़ो के मरीज को दिल्ली से लौटने के बाद 16 दिन क्वारैंटाइन में रख 17 अप्रैल को छोड़ दिया गया था। आज उसकी रिपोर्ट पॉजिटिव निकली। सातवां मरीज सिमडेगा का है, जो हिंदपीढ़ी आया था। सिमडेग का संक्रमित तब्लीगी जमात का बताया जा रहा है। झारखंड के रांची में 25, बोकारो में 9, हजारीबाग में 2, धनबाद में 2, कोडरमा में 1, सिमडेगा में 2 और गिरिडीह में 1 मरीज में संक्रमण की पुष्टि हो चुकी है।
क्वारैंटाइन सेंटर से भागे मजदूर, पुलिस ने पकड़ वापस भेजा
26 मार्च से धनबाद स्थित मैथन के क्वारैंटाइन सेंटर में रह रहे करीब 300 मजदूरों का सब्र रविवार को टूट गया। पानी का टैंकर आने पर जैसे ही सेंटर का गेट खोला गया, काफी सारे मजदूर भाग निकले। क्वारैंटाइन सेंटर पर तैनात जवानों ने उन्हें रोकने की कोशिश की पर वो असफल रहे। इसके बाद जवानों ने मैथन चेेक पोस्ट पर तैनात पुलिसकर्मियों को फोन पर इसकी सूचना दी। इसके बाद सभी मजदूरों को वापस क्वारैंटाइन सेंटर में भेज दिया गया।
धनबाद: संक्रमित ट्रैकमैन की पत्नी गर्भवती
वहीं, धनबाद में शनिवार रात एक और मरीज में कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई थी। एसिड अटैक पीड़िता सोनाली मुखर्जी ने लोगों से घरों में रहने की अपील की है। धनबाद में मिला संक्रमित रेलवे का ट्रैकमैन है और वह पिछले दिनों बोकारो से लौटा था। उसके घर के 3 किलोमीटर क्षेत्र में कर्फ्यू लगा दिया गया है। यहां संक्रमित मिला रेलवे कर्मी 21 मार्च को बोकारो स्थित ससुराल गया था। 27 मार्च को वह धनबाद लौटा। 13 अप्रैल के बाद उसकी तबीयत खराब हुई। 15 अप्रैल को वह डीआरएम कार्यालय पहुंचा, जहां जांच में शरीर का तापमान अधिक मिलने पर उसे पीएमसीएच भेज दिया गया। सैंपल लेने के बाद उसे रेलवे अस्पताल स्थित क्वारैंटाइन वार्ड में रखा गया है। फिलहाल संक्रमित की पत्नी समेत पूरा परिवार बोकारो में है। अधिकारियों ने उसके ससुरालवालों से संपर्क साधा है। मरीज की पत्नी गर्भवती है।

रांची: 14 दिन बंद रहेगा सदर अस्पताल, 4 डॉक्टर समेत 21 क्वारैंटाइन
राजधानी में सबसे ज्यादा 25 कोरोना मरीजों की पहचान हुई है। उधर, बच्चे को जन्म देने के बाद महिला के पॉजिटिव मिलने पर रांची के सदर अस्पताल के 4 डॉक्टर और 17 स्टाफ क्वारैंटाइन में चले गए हैं। डीएस डॉक्टर एस मंडल ने बताया कि अस्पताल अब 14 दिन तक बंद रहेगा। सभी मरीजों को डिस्चार्ज कर दिया गया है। हिंदपीढ़ी के मरीजों का इलाज अब अंजुमन इस्लामिया में होगा। शुक्रवार को हिंदपीढ़ी में मिले कोरोना पॉजिटिव पति-पत्नी को रिम्स के कोरोना सेंटर के जनरल वार्ड में रखा गया है। तीन दिन का नवजात भी मां के पास ही है।

कई सब्जी मंडियों में भीड़, पुलिस ड्रोन से निगरानी कर रही
रविवार सुबह गुमला, जमशेदपुर, रांची, धनबाद, पलामू, लातेहार, लोहरदगा समेत अन्य जिलों में भी सब्जी मंडियों, बाजारों व सड़कों पर सब्जी खरीदारी के लिए लोग आम दिनों की तरह सड़क पर निकल आए। सब्जी दुकानों पर भी मास्क लगाने व सोशल डिस्टेंसिंग का ध्यान नहीं रखा। पुलिस ड्रोन से निगरानी कर रही है, लेकिन यह आदत लोगों के बीच संक्रमण के खतरे को बढ़ा सकती है।

जमशेदपुर: कोरोना पॉजिटिव मिला तो पहले टीएमएच में भर्ती होगा
शहर में कोरोना वायरस का पॉजिटिव मरीज सामने आने पर स्वास्थ्य विभाग की ओर से क्या तैयारी की गई है इसकी जानकारी विशेषज्ञ चिकित्सकों ने प्रेजेंटेशन के माध्यम से डीसी रविशंकर शुक्ला को दी। डॉक्टरों ने बताया कि मरीज मिलने की स्थिति में सबसे पहले टीएमएच में भर्ती कराया जाएगा। उसके बाद एमजीएम अस्पताल में क्वारैंटाइन किया जाएगा। डीसी ने सिविल सर्जन डॉक्टर महेश्वर प्रसाद को क्विक रिस्पांस टीम गठित करने का आदेश दिया। ग्रामीण क्षेत्रों में कोरोना से निपटने के लिए प्रशासन वहां कार्य करने वाले स्वास्थकर्मियों व आरएमपी डॉक्टरों (झोला छाप) की मदद लेगा।

ओडिशा से पैदल चलकर 3 मजदूर पहुंचे शहर, क्वारैंटाइन
कोरोना से बचाव के लिए देशभर में घोषित लॉकडाउन के कारण दिहाड़ी मजदूरों की स्थिति दयनीय हो गई है। इसबीच भूख से परेशान जमशेदपुर का एक युवक अपने दो साथियों के साथ ओडिशा के कोनिया से 7 दिन में पैदल चलकर शनिवार को शहर पहुंचा। लेकिन पुलिस ने जांच के क्रम में आदित्यपुर में तीनों को रोक लिया। इसी बीच एक युवक वहां से भाग निकला। बाद में उन तीनों को कदमा क्वारैंटाइन सेंटर में रखा गया है।